लो आ गई लोहड़ी, जानें कब है शुभ मुहूर्त और इसका महत्व

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नई दिल्ली:  आज पूरे देश में लोहड़ी का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस बार लोहड़ी पर कोरोना का साया छाया हुआ है। लोगों को त्योहार के साथ कोरोना नियम का पालन करना है। लोहड़ी का त्योहार वैसे तो पूरे देश में मनाया जाता है। लेकिन उत्तर भारत में काफी ज्यादा प्रसिद्ध है। खासकर पंजाब के लोग इस बड़ी धूमधाम से मनाते है।

किसानों के लिए लोहड़ी का त्योहार बेहद खास माना जाता है। इस दिन से किसान अपने वित्तीय वर्ष की शुरूआत करता है। इस दिन फसल की कटाई और बुआई का समय शुरू होता है। लोहड़ी के दिन लोग अग्नि व महादेवी की पूजा का विधान है। लोहड़ी की आग में अग्नि देव और सूर्य देव को नई फसल के तौर पर तिल, रेवड़ी, मूंगफली, गुड़ आदि चीजें अर्पित की जाती हैं। किसान इन चीजों को अर्पित करते हुए दोनों देवों का आभार व्यक्त करते हैं कि उनकी कृपा से फसल अच्छी होती रहे और आनी वाली फसल में कोई समस्या न हो। इस दिन लोग आग जलाकर इसके इर्द-गिर्द नाचते-गाते और खुशियां मनाते हैं.

लोहड़ी मनाने का शुभ मुहर्त 13 जनवरी शाम 7:45 से शुरू होगा। इस समय लोगों एक खुले स्थान पर जमा होकर लकड़ी और सूखे उपलों का ढेर लगाकर आग जलाएं। अर्ध्यह देने के बाद उसमें रेवड़ी, सूखे मेवे, मूंगफली, गजक अर्पित करें। इस पवित्र अग्नि की 7 परिक्रमा करें। परिक्रमा करते हुए इसमें रेवड़ी, मूंगफली, तिल आदि अर्पित करते जाएं। परिक्रमा पूरी करने के बाद बड़ों का आर्शीवाद लें।



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