अगर आपकी जिंदगी में भरी है निराशा, तो पढ़े स्वामी विवेकानंद जी के उपदेश, जागेगी नई उमंग

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नई दिल्ली:  आज पूरे देश में स्वामी विवेकानंद जी की जंयती मनाई जा रही है।प्रेरणास्त्रोत स्वामी विवेकानंद जी का जन्म 12 जनवरी 1863 में हुआ था। उनका जन्म कलकत्ता के एक कायस्थ परिवार में हुआ है। इस दिन पूरे भारत में राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। विवेकानंद जी के पिता विश्वनाथ दत्त कलकत्ता के हाई कोर्ट के प्रसिद्ध वकील थे। वह पश्चिम स्भयता में विश्वास करते थे।

इसके साथ ही स्वामी जी के विचार हर वर्ग, जाति, धर्म, के लोगों को हमेशा प्रेरित किया करते थे। लोगों के जीवन में ऊर्जा भरने वाले विचारों के चलते, आज उनके जन्मदिन के अवसर पर देशभर में राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज इस मौके पर आप भी अपने दोस्तों के साथ उनके विचारों को शेयर कर सकते हैं।

आइए जानतें उनके कुछ उपदेशों के बारे में

1. अपने मस्तिष्क को ऊंचे विचारों और उच्चतम आदर्शों से भर दो। इसके बाद आप जो भी कार्य करेंगे वह महान होगा।

2. उस व्यक्ति ने अमरत्व प्राप्त कर लिया है, जो किसी सांसारिक वस्तु से व्याकुल नहीं होता।

3. कोई भी चीज, जो तुम्हें शारीरिक, मानसिक और धार्मिक रूप से कमजोर करती है, उसे जहर की भांति त्याग दो.

4. हम जो कुछ हैं वह अपने विचारों की देन हैं। इसलिए आप जो कुछ सोचो बहुत ही सावधानी पूर्वक सोचो. विचार के बाद ही शब्द आते हैं। विचार जिंदा रहता है और शब्द यात्रा करते हैं।

5. जितना बड़ा संघर्ष होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी। जिस दिन आपके सामने समस्या न आए आप यकीन कर सकते हैं कि आप गलत रास्ते पर चल रहे हैं। खुद को कमजोर समझना ही सबसे बड़ा पाप है.  

6. उठो, जागो, और तब तक मत रुको जब तक तुम अपने लक्ष्य को नहीं प्राप्त कर लेते।

7. दिन में कम से कम एक बार अपने आप से बात करें। अन्यथा आपने दुनिया के सबसे बुद्धिमान व्यक्ति से होने वाली मुलाकात को छोड़ रहे हो।

8. जब तक तुम अपने आप पर भरोसा नहीं कर सकते तब तक तुम्हें ईश्वर पर भरोसा नहीं हो सकता।

9. जो लोग आपकी मदद करते हैं उन्हें कभी मत भूलो। जो आपको प्यार करते हैं उनसे कभी घृणा न करो. जो लोग तुम पर भरोसा करते हैं उन्हें कभी भी धोखा न दो।

10. पढ़ने के लिए जरूरी है एकाग्रता, एकाग्रता के लिए जरूरी है ध्यान। ध्यान से ही हम इन्द्रियों पर संयम रखकर एकाग्रता प्राप्त कर सकते है



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